Dil Ki Aawaaz

vakt vakt kee baat hai chal rahi meri kalam in panno par ye vakt kee karamaat hai

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अकेलापन

Posted On: 10 Jan, 2015 Junction Forum में

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अकेलेपन से ना कभी घबराईं हूं मैैं
ये मिला तो ही तो खुद से मिल पाईं हूं मैं
मेरे अन्दर भी छुपी रब की रहमत है
उस रहमत से मिल पाईं हूं मैं
भीड़ में तो खो जातें है सभी
शुक्र हैै जो खोते खोते बच आईं हूं मैं
अपने अपनों से ही मिलती हैं ठोकरें
ठोकरें खाने से खुद को बचा पाईं हूं मैं
ये अकेलापन ही अब मुझे अपना सा लगता है
पराई दुनिया को छोड़ आईं हूं मैं
प्यार कर लो किसी से कितना भी
इक दिन तो बिछड़ जाता है वो
इस लिए इक ईश्वर को अपना आईं हूं मैं

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