Dil Ki Aawaaz

vakt vakt kee baat hai chal rahi meri kalam in panno par ye vakt kee karamaat hai

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प्यारी माँ

Posted On: 13 Aug, 2014 Junction Forum में

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प्यारी माँ मेरी प्यारी माँ

याद आती है सूरत तुम्हारी माँ

वो प्यार भरा तेरा चेहरा

खिल उठता था मेरा चेहरा

वो मीठी मीठी तेरी बोली

सुनकर ही मैंने आँखे खोली

वो स्नेह भरा तेरा स्पर्श

पा कर मुझको होता था हर्ष

वो ममता भरी तेरी बातें

सुन कर पाई मैंने सौगातें

वो तेरे हाथो के पकवान

खा कर बढ़ती थी मेरी शान

वो तेरा मुझको समझाना

आ जाता था जीवन जीना

वो दुःख में भी तेरा मुस्कुराना

सिखाता था गम को भुलाना

वो तेरी हर अच्छी आदत

अब बन गई है मेरी ताकत

प्यारी माँ मेरी प्यारी माँ

याद आती है सूरत तुम्हारी माँ |



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7 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

pkdubey के द्वारा
August 14, 2014

सुन्दर कृति आदरणीया |

deepak pande के द्वारा
August 15, 2014

sunder prastuti anjali jee maa ke is roop ko badi khoobsurti se prastut kiya hai

ANJALI ARORA के द्वारा
August 15, 2014

thanku ji

ANJALI ARORA के द्वारा
August 15, 2014

thanks ji

bdsingh के द्वारा
August 19, 2014

बहुत सुन्दर कविता

डॉ० कुमारेन्द्र सिंह सेंगर के द्वारा
August 22, 2014

ब्लॉग बुलेटिन की गुरुवार २१ अगस्त २०१४ की बुलेटिन — बच्चों के साथ बच्चा बनकर तो देखें – ब्लॉग बुलेटिन — में आपकी पोस्ट को भी शामिल किया गया है … एक निवेदन— यदि आप फेसबुक पर हैं तो कृपया ब्लॉग बुलेटिन ग्रुप से जुड़कर अपनी पोस्ट की जानकारी सबके साथ साझा करें. सादर आभार!

ANJALI ARORA के द्वारा
August 31, 2014

mahoday ji mujhko aisa koi group face book par nahi mila


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