Dil Ki Aawaaz

vakt vakt kee baat hai chal rahi meri kalam in panno par ye vakt kee karamaat hai

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नया आसमान हो नई जमीन हो

Posted On: 25 Nov, 2013 Others में

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है चारो तरफ अन्धकार यहाँ प्रकाश मैं भी सब कुछ साफ़ नज़र आये कहाँ धुंधली सी दुनिया लगती है झूठ की चादर के नीचे सच को छुपाया जाता है हर शक्स बहकाया जाता है हर वक्त भरमाया जाता है न है किसी का दीन धर्म न है किसी का कोई करम है भूख सभी को एक ही लगी उस भूख को मिटाने के लिए जिन्दो को जलाया जाता है मुर्दो का भी करते व्यापार आराम से चलता है ये बाज़ार यहाँ दिलो की कीमत कुछ भी नहीं मिटटी मैं मिलाया जाता है है दिलवालो की यही सजा उन्हें हर पल रुलाया जाता है और हो गये जो पत्थर दिल उनके दिल को सजाया जाता है उस माँ कि यहाँ कोई कीमत नहीं जो दिल से दुआऐ देती है उस माँ को इस दुनिया मैं हर पल दफनाया जाता है है सब को कुर्सी की प्यास जिसे पाने के लिए पी लेते है लहू और जी लेते है बाकि मैं क्या कहू ये दुनिया अब न दुनिया रही हो गई है कब्रिस्तान जहाँ सब है अपनी नीद मैं न है किसी से पहचान अब तो जीने के लिए नया आसमान लाना होगा सब को विश्वास दिलाना होगा है नहीं कोई भी बेगाना सब को गले से लगाना होगा नया आसमान लाना होगा अब है खुशबु कि ये ही तमन्ना” नया आसमान हो नै जमीन हो सब हो जहा पर अपने और सब अपनों मैं लीं हो ”



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4 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

jalaluddinkhan के द्वारा
December 23, 2013

बहुत अच्छी भावना और अच्छा प्रयास । बधाई।

jalaluddinkhan के द्वारा
December 23, 2013

अच्छी भावना के साथ अच्छा प्रयास।बधाई।

jalaluddinkhan के द्वारा
December 23, 2013

अच्छी भावना के अच्छा प्रयास।बधाई।

khusbu के द्वारा
December 24, 2013

honsla afzahi ke liye bahut bahut shukriya


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