Dil Ki Aawaaz

vakt vakt kee baat hai chal rahi meri kalam in panno par ye vakt kee karamaat hai

67 Posts

92 comments

Reader Blogs are not moderated, Jagran is not responsible for the views, opinions and content posted by the readers.
blogid : 16014 postid : 651763

ख्वाइश

Posted On: 22 Nov, 2013 Others में

  • SocialTwist Tell-a-Friend

छोटी सी ख्वाइश है दिल की मगर दिल से उसे पूरी करना चाहती हूँ ……..बंद रह गई मैं सीप के अंदर मगर अब मोती बन कर चमकना चाहती हूँ ………….मैं हूँ कुछ है मेरा भी वजूद कुछ अब तो अपने वजूद से मिलना चाहती हूँ ………दिल के कोने मैं रहता है कोई अंजाना……….. उस अनजाने से अब मैं मिलना चाहती हूँ ………..अंधेरो की वादियो मैं बीत गई तमाम उम्र …………अब तो उजाले के शिखर पर उड़ना चाहती हूँ ……….वक्त बीत रहा है हर पल जिंदगी का …….अब तो अपने वक्त से मैं मिलना चाहती हूँ ……….प्यार किया सबसे बहुत मैंने ………..अब तो खुद पर फ़िदा होना चाहती हूँ ………खिले तो है बाग़ मैं फूल कई ……….अब तो मैं फूल की तरह खिलना चाहती हूँ …………पहचानती हूँ सब बड़े बड़े लोगो को ……..अब तो खुद की पहचान बनाना चाहती हूँ ………..दिया तो है उस प्रभु ने बहुत कुछ मुझे ……….एक बार फिर उसकी रेहमत पाना चाहती हूँ ……….है विश्वास कि मिल जायेगा मुझे वो सब कुछ …….जो मैं पाना चाहती हूँ ………..छोटी सी ख्वाइश है दिल की मगर दिल से उसे पूरी करना चाहती हूँ ………खुश्बू की तरह फ़ैल जाऊगीं पुरे जहान मैं ………इसलिए खुश्बू बन के अपनी खुश्बू फैलाना चाहती हूँ ……..छोटी सी ख्वाइश है दिल की जिसे पूरी करना चाहती हूँ .



Tags:

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading ... Loading ...

2 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

ashishgonda के द्वारा
January 8, 2014

मोती बन कर चमकना चाहती हूँ अब तो उजाले के शिखर पर उड़ना चाहती हूँ बहुत ही शानदार प्रस्तुति के लिए हार्दिल बधाई….भगवान् आपकी ख्वाहिश जल्दी से पूरी करें. 

khusbu के द्वारा
January 9, 2014

shukriya and thanks for blessings


topic of the week



latest from jagran